Tuesday, 17 December 2019

13 हिम्मत और ज़िंदगी

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13 हिम्मत और ज़िंदगी


1) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या 2 पंक्तियों में दीजिए:

 

1. सुख का स्वाद किन लोगों को अधिक प्राप्त है?

 

उत्तर:  जो लोग सुखों का मूल्य पहले चुकाते हैं और उनके मजे बाद में लेते हैं, उन्हें सुख का स्वाद अधिक मिलता है |

 

2. लेखक के अनुसार किन लोगों के लिए आराम ही मौत है?

उत्तर:  लेखक के अनुसार जिन्हें जीवन में आराम आसानी से मिल जाता है उनके लिए आराम ही मौत हैं |

3.  अकबर ने कितने वर्ष की उम्र में अपने पिता के दुश्मन को हराया था?

उत्तर: 'त्यक्तेन भुंजीथा' : - संस्कृत की इस उकित  का यह अर्थ है कि 'जीवन का भोग त्याग के साथ  करो |' वस्तुत : संयम से भोग करने पर जीवन से जो आनंद प्राप्त होता है , वह निरा भोगी बनकर भोगने से नहीं मिल पाता |

4. महाभारत का युद्ध किन किन के मध्य हुआ था?

उत्तर:  अकबर ने 13 वर्ष की उम्र में अपने पिता के दुश्मन को परास्त कर दिया था |

 

5. महाभारत के युद्ध में पांडवों की जीत का क्या कारण था?

उत्तर:  महाभारत का युद्ध पांडवों और कौरवों के मध्य हुआ था |

 

6. साहसी व्यक्ति की पहली पहचान क्या है?

उत्तर:  पांडवों ने लाक्षागृह की मुसीबत झेलकर तथा लंबे वनवास के कष्टों को पार करके धैर्य और वीरता के कारण अपनी जीत को प्राप्त किया था |

 

7. लेखक के अनुसार साधारण जीव कौन से लोग हैं?

उत्तर:  साहसी व्यक्ति की पहली पहचान यह होती है कि वह बड़ा हिम्मती तथा निडर होता है | वह इस बात की चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं |

 

8. लेखक ने किनको क्रांति करने वाले लोग कहां है?

उत्तर:  लेखक के अनुसार साधारण लोग वे लोग होते हैं जो अपने अड़ोस पड़ोस को देख कर चलते हैं |

 

 

2) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार पंक्तियों में दीजिए:

 

1. लेखक के अनुसार नीति तथा भोजन का वास्तविक आनंद किनको मिलता है?

 

उत्तर:  लेखक के अनुसार भोजन का असली स्वाद उसी को मिलता है जो कुछ दिन बिना खाए ही रह सकता है | नींद का भी वास्तविक आनंद उसे ही मिलता है जो दिन भर धूप में थक कर चांदनी की ताजगी और शीतलता का अनुभव करते हुए मजे में सोता है |

2. जीवन में असफलताएं मिलने पर भी साहसी मनुष्य क्या करता है?

उत्तर:  जीवन में सफलताओं के मिलने पर भी साहसी मनुष्य हिम्मत नहीं हारता | साहसी व्यक्ति असफलताओं से घबराकर अपने कदम पीछे नहीं हटता अपितु आगे बढ़ने के लिए अपने साहस को झुकाता है |

 

 

3.  निश्चय वह बड़े मौके पर कायरता दिखाने वाले व्यक्ति का जीवन कैसा होता है?

उत्तर:  लेखक बेनेट के कथन की पुष्टि करते हुए कहता है कि जो आदमी यह महसूस करता है कि किसी महान निश्चय के समय वह साहस से काम नहीं ले सका, जिंदगी की चुनौती को कबूल नहीं कर सका, वह सुखी नहीं हो सकता | कायरता दिखाने वाले व्यक्ति का जीवन सांसारिक सुखों से वंचित ही रहता है |

 

 

4. जिंदगी में जोखिम से बचने के कारण क्या हानि होती है?

उत्तर:  हिम्मत और जिंदगी के लेखक का यह मानना है कि जिंदगी को ठीक से जीना हमेशा ही जोखिम जेलता होता है और जो आदमी सकुशल जीने के लिए जोखिम को हर स्थान पर एक घेरा डालता है, वह अनत अपने ही  घेरों के बीच कैद हो जाता है और उसे जिंदगी का कोई मजा नहीं मिल पाता | जोखिम से बचने की कोशिश में , असल में वह अपनी जिंदगी को ही आगे बढ़ने से रोक लेता है |

 

3) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 6- 7 पंक्तियों में दीजिए:

 

1.     साहसी व्यक्ति के कोई पांच गुण लिखिए?

 

 

उत्तर:  साहसी व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण उसका साहस होता है और साहसी व्यक्ति के अन्य सारे गुण उसकी हिम्मत होने से ही पैदा होते हैं |  हिम्मती व्यक्ति  जिंदगी  के मकसद को मापने के लिए हर संभव कोशिश करता है और उसे  सफलता भी मिलती है |  साहसी व्यक्ति  को जीवन में भले ही असफलताओं का सामना करना पड़े , पर उन सबको पार करके अपने जीवन को सार्थक बनाने की चेष्टा करता है |  साहसी व्यक्ति  निडर तथा  बेखौफ होता है |

 

2.

 

उत्तर: ( ) ' हिम्मत और जिंदगी' का लेखक इन पंक्तियों के माध्यम से यही सिद्ध करने की चेष्टा करता है कि जो लोग हिम्मत हार कर बैठ जाते हैं वह जीवन में कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते | तभी तो जो व्यक्ति समुंदर में प्रवेश करने से पूर्व ही पावों के भीग जाने की बात करते हैं , वह  उस  अथाह  समुंदर में गोता लगाकर अनमोल मोतियों को ढूंढ पाने में समर्थ नहीं हो सकते हैं | अत : साहसी व्यक्ति जल में डूब जाने के भय को त्यागकर गहरे  समुंदर में जाने का साहस रखते हैं  और संघर्ष करते हैं |

 

():  लेखक इन पंक्तियों में यह स्पष्ट कर रहा है कि समुद्र के तट पर तो असंख्य ऐसी सीपियां मिल जाती है, जिन्हें कोई व्यक्ति सहज में ही इकट्ठा कर सकता है | परंतु उन मरी हुई  सीपीयो में  तो मोती होते ही नहीं | हां, ऐसे व्यक्तियों को तो इस बात से संतुष्ट हो जाना चाहिए कि उन्होंने इतनी सीपीओ को एकत्रित कर लिया है | परंतु समुंदर के गहरे अंत: स्थल से तो वही व्यक्ति मोतियों को , मौ  कितक कोष अर्थात् उसके खजाने को पाने का अधिकारी बन सकता है जो हिम्मत और साहस से उन तक पहुंच जाए और उन्हें समुंदर तल से बाहर ले आए |

 

() : इन पंक्तियों में  लेखक यही बताने की चेष्टा करता है कि संसार में इतने पदार्थ भरे हुए हैं कि तुम भी उनका आनंद उठा सकते हो | सिर्फ थोड़ी सी इच्छाशक्ति करने की बात होती है | अत : व्यक्ति को अपना अांचल संकुचित नहीं करना चाहिए, अपितु इसको फैला कर रखना चाहिए जीवन के मधुर फल का आपको सावादन लेना ही चाहिए |  जीवन के मधुर फल का आपको आस्वादन लेना ही चाहिए | अपने दोनों हाथों में जीवन रूपी मधुर फल को इस तरह छोड़ना चाहिए कि उसकी मधुर फूहारे बह निकले और तुम अपनी इच्छाओं की पूर्ति कर सको |