Sunday, 16 February 2020

पाठ 18 रसोई का ताज: सब्जियां

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पाठ18


रसोई का ताज: सब्जियां



पाठ 18

रसोई का ताज: सब्जियां

पात्र: 9 बच्चे कुछ लड़के तथा लड़कियां

सामग्री: अलग-अलग सब्जियों के मुखोटे जो मोटे कागज   या गत्ते से बने हो तथा जिन पर डोरिया रस्सी बंधी होl

(
सभी बच्चे मंच पर विराजमान हैl उन्होंने अपने अपने मुंह पर एक एक सब्जी का मकान मुखौटा पहना हुआ हैl एक तरफ आलू, प्याज तथा टमाटर का मुखौटा पहने बच्चे बैठे हैं तथा दूसरी और घया, मूली, शलगम, करेला, बैंगन और पुदीने का मुखौटा पहने बच्चे बैठे हैl इन सब में आलू बहुत ही फुदक कर रहा है और अपने आपको बहुत समझ रहा है, इसलिए सबसे पहले वही खड़ा होता है और अपनी शेखी बघारना है)

आलू:( सभी सब्जियों पर एक निगाह डालते हुए)
देखो, भाइयों और बहनों! मैं सब्जियों का राजा हूंl मेरा रसोई में सबसे ज्यादा प्रयोग होता हैl मुझे सभी पसंद करते हैl मैं बाजार में बारहमास मिलता हूंl मुझे में विटामिन होता तथा प्रोटीन भी होते हैl मैं तो हर एक सब्जी के साथ घुल मिल जाता हूंl बैंगन, गोभी, गाजर, मटर आदि के साथ मिलकर तो मैं सब्जी आदि के स्वाद को दोगुना कर देता हूंl रायते के रूप में तो मेरे मेरे क्या कहनेl इसके अलावा पूरीओं के साथ लोग मुझे बड़े चाव से खाते हैl मेरे प्राणों की शान ही निराली हैl मेरा उबला हुआ  रूप तो  पूरण आहार हैlसमोसो,टिक्की, चाट, पकौड़ी तथा चिप्स के रूप में तो मैं जगत मे प्रसिद्ध हूंl

प्याज: अच्छा! अच्छा! यह भी तो कहो कि तुम्हें खा- खा कर तो लोगों का मोटापा बढ़ रहा हैl

आलू: ठीक है! पर इसमें मेरा क्या कसूर! मैं हूं ही इतना प्यारा और स्वादिष्ट के लोग मुझे खाए बिना रह भी नहीं   सकते lयह तो लोगों को चाहिए कि वह मुझे संयम से प्रयोग में लाएl जरूरत से ज्यादा मेरा सेवन ना करेंl

प्याज: अच्छा! अब चुप भी रहोl मेरी सुनोl मैं भी सदाबहार हूंlमेरा किसी सब्जी से कोई झगड़ा नहींl मेरे बिना क्या कोई सब्जी बन सकती है? दालों सब्जियों में मेरा खूब प्रयोग होता हैl सलाद के रूप में कच्चा भी खाया जाता हूंl मुझ में कैल्शियम, प्रोटीन तथा आयरन काफी मात्रा में होता हैl मैं बहुत ही गुणकारी हूंl मेरा अनेक दवाइयों में प्रयोग होता हैl मेरा रस हृदय रोगियों के लिए अच्छा हैl मैं रक्त प्रवाह को आसान बनाता हूंl

टमाटर: तुम होते होंगे गुणकारीl पर तुम्हें काटते वक्त आंखों में से आंसू जाते  है तथा तुम्हें कच्चा खाने पर मुंह से गंध आने लगती हैl शायद बहुत से लोग तुम्हें इसी कारण पसंद नहीं करते lपर मुझे देखो! मेरा रूप कितना सुंदर हैl मेरा लाल- लाल रंग सभी को लुभाता हैl एक और जहां में रक्त निर्माण करता हूं वह दूसरी और रक्त साफ करने में भी सहायक हूंl मैं जिगर को मजबूत बनाता हूंl मेरा  सूप भूख बढ़ाने वाला हैl हां! पथरी  रोगियों को तो मेरे पास भी नहीं फटकाना चाहिएl

गियाहम हरी सब्जियां भी किसी से कम नहीं हैl मेरी सुंदरता पर कोमलता देखकर सब्जी मंडी में ग्राहक मुझे खरीदने को लालायित रहते हैंl मैं बहुत ही सुपाचय हूंl मेरा जूस पीने में चाहे स्वाद भी ना लगे परंतु सेहत के लिए लाभकारी हैl मुझे उन लोगों पर बहुत गुस्सा आता है जब मुझे खरीद कर तो ले आते हैं परंतु मेरे सब्जी खाने में नाक सि सिंकोड़ते हैंl भाई  यदि मैं सब्जी के रूप में आपको पसंद नहीं हूं तो आप मेरा रास्ता बना लेl मेरा राइटर दस्त में बहुत लाभकारी हैl इसके अतिरिक्त कोफ्ते के रूप में भी बनाया जा सकता हूंl मुझे तलवों पर मलने से शरीर की गर्मी दूर होती हैl सब्जी के अलावा में हलवा मेरा हलवा बहुत ही स्वादिष्ट पौष्टिक होता हैl

करेला: ठीक कहते हो आपl हम हरी सब्जियां सचमुच बड़ी गुणकारी हैंl

आलू: अबे! चुप रह कड़वे और खुरदरेंlभला तुम्हें कौन खाना पसंद करता है?

करेला: अपनी जुबान बंद कर तूl बहुत बोल लियाl मैं तुम सबसे गुणकारी हूंlसिर्फ समझदार लोग हैं मेरा महत्त्व जानते हैl मैं पचने में हलका हूंl पीलिया और शुगर के  रोगियों के लिए तो मेरा रस किसी वरदान से कम नहींl मैं भूख बढ़ाने तथा भोजन पचाने वाला हूंl मैं पेट के कीड़े मार देता तथा रक्त शोधक भी हूंl

मूली: तुम ठीक कहते हो भाई करेलेl हमारा महत्त्व तो सिर्फ समझदार लोग जानते हैंl कुछ लोग जब भी सब्जी वाले से मुझे खरीदते तो मेरे पत्ते वही कूड़ा समझकर  फेंक  आते हैंl बस यही  वे बड़ी चूक कर देते  हैl मेरे पत्ते कभी नहीं  फेंकने चाहिएl उन्हें क्या मालूम कि मेरे पत्ते बहुत ही पौष्टिक , स्वादिष्ट   लाभकारी हैl मुझे सलाद में भाई निंबू के साथ में निचोड़ कर खाने से खाना जल्दी पचता है तथा पेट के अनेक विकार दूर होते हैंl मैं पीलिया रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए विशेष  गुणकारी हूंl

आलू: भाई बैंगनl तुम भी कुछ कहोl

बैंगन: हां- हां, क्यों नहीं! पर मैं तुम्हारी तरह राग नहीं  अलपाताl मेरे सिर पर  ताज यही बताता है कि मैं सब्जियों में मुख्य हूंl

आलू: नहीं, मैं सब्जियों का राजा हूंl तुम तो इतने श्याम वर्ण के हो कोई क्या खाएगा?

बैंगन:( गुस्से से) रंग नहीं, मेरे गुण देखोl मुझ में  लोह तत्व होता हैl मैं पाचन क्रिया को बढ़ाता हूंl मुझे काटकर सब्जी बना लो जा मेरा भूरती बना लोl मेरे तो पकौड़े भी स्वादिष्ट बनते हैंl

शलगमअच्छा!अच्छा! बंद करो अपनी लड़ाईlमैं भी  लाभकारी हूंlपर मेरे गुणों का लोगों का पता ही नहींl सब्जी के अलावा कच्चा खाने में मैं बहुत मीठा हूंl मैं भी पाचन किरया  बढ़ाता हूंl जिन लोगों में विटामिन बी की कमी हो उन्हें तो मेरा सेवन किसी किसी रूप में अवश्य करना चाहिएl

आलूपुदीने भाईl तुम्हें भी कुछ कहना है क्या? आज मौका हैl जी भरकर कह लोl

पुदीना: मुझे कहने की क्या जरूरत हैl मेरे गुण किसी से छिपे नहीं हैछोटा हूं, पर हूं गुणों की खानl मैं  गर्मी के कारण होने वाले सभी रोगों मे आसानी से विजय पा लेता हूंl मेरे आगे तो उल्टियां, खट्टी डकारे आदि किसी की एक नहीं चलतीl मेरे सामने सभी भाग दिखाई देते हैंl चटनी के रूप में तो बहुत लोकप्रिय हूंl

(
इस तरह सब्जियों में तीखी नोक-झोंक हो रही थी कि उसी समय मालकिन को रसोई की तरफ आता देखकर सभी सब्जियों के मन में चाहत हो रही थी तो आज उसे बनाया जाएl सभी अपना-अपना दावा कर रहे थे कि आज मालकिन उनका सेवन करेगीl)

बैंगन: देखना! आज मेरी बारी हैl

शलगम: नहीं! मालकिन आज मेरा सेवन करेगीl

करेला: नहीं!नहीं! वह मुझे ही लेने रही हैl

आलू: चुप हो जा सभीl वो बिल्कुल पास गई हैl

मालकिन: (गिया, टमाटर, शलगम की ओर देखते हुए) चलो! पहले गिया, टमाटर, शलगम का सूप बनाती हूंl (फिर आलू, बैंगन की तरफ इशारा करते हुए) इनकी सब्जी बनाती हूंl(प्याज और मूली को और देखकर) इनका मैं  सलाद काटती हूंl इसके बाद वह चटनी बनाने के लिए  पुदीने  को उठाकर चल पड़ती हैl

 


3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दें:-

(
) आलू ने अपने किस रूप को पूर्ण आहार कहा?
(
) टमाटर ने किन रोगियों को अपना सेवन करने से मना किया है?
)पीलिया और  शुगर के रोगियों के लिए किस का रस वरदान से कम नहीं है ?पाठ के आधार पर बताएं?
(  ) 
किस सब्जी के सिर पर ताज लगा होता है ?पाठ के आधार में बताएं?
(
) कैसे सब्जी ने कहा कि मुझ में लोह तत्व होता है?




4.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन चार वाक्य में दें:-


(
) आलू ने अपने आप को सब्जियों का राजा क्यों कहा?
(
) आलू ने जरूरत से ज्यादा अपना प्रयोग करने से क्यों मना किया?
(
) टमाटर ने अपनी प्रशंसा कैसे की?
(

(
) करेले ने अपने आप फुलकारी क्यों कहा?
(
) पुदीने ने अपने आपको गुणों की खान क्यों कहा

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