Sunday, 5 April 2020

पाठ 17 अन्याय के विरोध में

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पाठ 17
अन्याय के विरोध में

3. 
इन प्रश्नों के उत्तर एक या दो वाक्यों में लिखें:

1. 
जूलिया कौन थी? लेखक ने उसे अपने कमरे में क्यों बुलाया?
उत्तर: 1.  जूलिया लेखक के बच्चों की गवर्नस थीl लेखक ने उसे अपने कमरे में तनख्वाह हिसाब के लिए बुलाया थाl



2. 
लेखिका ने जूलिया को किस काम के लिए रखा था?
उत्तर: 2.  लेखक ने जूलिया को अपने बच्चों की देखभाल करने और पढ़ाने के लिए रखा  थाl

3. 
जूलिया को लेखक ने कितने रुपए दिए?
उत्तर: 3.  जूलिया को लेखक ने 11 रूबल दिएl

4.  
तनख्वाह प्राप्त करने पर जूलिया ने लेखक का धन्यवाद क्यों दिया?
उत्तर: 4.  तनख्वाह प्राप्त करने पर जूलिया ने लेखक का धन्यवाद इसलिए किया क्योंकि लेखक ने उसे तनख्वाह के 11 डूबल दिए थेl वह पहले जहां- जहां काम करती थी वहां के लोगों ने उसे एक भी पैसा नहीं दिया लेकिन लेखक ने उसे 11 रूबल दिएl


4. 
इन प्रश्नों के उत्तर चार या पांच वाक्य में लिखें:

1. 
लेखिका जूलिया को क्या सबक सिखाना चाहता था?
उत्तर:1.  लेखक दूरियां को अन्याय के विरोध का सबक सिखाना चाहता था क्योंकि इस संसार में अपना अस्तित्व बनाने के लिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना उसका विरोध करना बहुत जरूरी है यदि हम ऐसा नहीं करते तो यह कठोर अत हिरदेहीन होगाl संसार ऐसे लोगों को जीने नहीं देगाl

2.
जूलिया द्वारा 'धन्यवाद" कहे जाने पर लेकर गुस्से से क्यों उबल पड़ा?
उत्तर: 2.  जुलिए द्वारा धन्यवाद कहे जाने पर लेखक गुस्से में इसीलिए उबल पड़ा क्योंकि जूलिया जानती थी कि के लेखक ने उसके साथ धोखा कर रहा है, उसे ठग रहा हैl फिर भी उसके साथ हो रहे अन्याय का विरोध ना करने  पर भी उसने धन्यवाद कियाl यह लेखक को अच्छा नहीं लगा और गुस्से से उबल पड़ाl

3. 
इस कहानी के
उत्तर: 3.  इस कहानी के द्वारा लेखक ने अन्याय का विरोध करने का संदेश दिया हैl लेखक कहता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी दब्बू और बोधे क्यों ना हो उसे अन्याय को नहीं सहना चाहिएl उसे अपने साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिएl व्यक्ति को अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए  कठोर, निर्मम और  हृदयहीन संसार से लड़ना होगा क्योंकि इस संसार में दब्बू और बोधे लोगों के लिए कोई जगह नहीं हैl